विजयादशमी का पावन त्योहार हर साल बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश देता है। इस साल, यह त्योहार राजस्थान के कोटा शहर के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि लेकर आया। कोटा, जो अपनी कोचिंग संस्थानों के लिए पूरी दुनिया में मशहूर है, ने अब दशहरे के जश्न को एक नई पहचान दे दी है। (Kota Dussehra Ravan Height 2025) शहर ने 233 फुट ऊंचे रावण के पुतले का सफलतापूर्वक दहन करके एक नया विश्व रिकॉर्ड बनाया है, जिसने दिल्ली के पिछले रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया।
Kota Dussehra Ravan Height 2025 -रिकॉर्ड टूटने की पूरी कहानी
इस साल कोटा में जलाए गए रावण की ऊंचाई ने सबको हैरान कर दिया। आइए इसकी तुलना पुराने रिकॉर्ड से करते हैं:
- कोटा का नया रिकॉर्ड: 233 फुट (kota dussehra mela ravan height in feet)
- दिल्ली का पिछला रिकॉर्ड: 210 फुट
- लक्ष्य से भी ऊंचा: दहन समिति ने शुरू में 221.5 फुट के पुतले का लक्ष्य रखा था, लेकिन कारीगरों की मेहनत से यह 233 फुट का हो गया, जिससे रिकॉर्ड और भी शानदार बन गया।
एक विशालकाय पुतले का निर्माण
इतना बड़ा और भव्य पुतला बनाना कोई आसान काम नहीं था। इसे तैयार करने में पूरे 4 महीने का समय लगा। करीब 50 से ज्यादा कारीगरों ने दिन-रात मेहनत करके इसे तैयार किया। इस विशाल पुतले के बारे में कुछ रोचक बातें इस प्रकार हैं: kota dussehra mela 2025
- कुल वजन: पूरे पुतले का वजन 13.5 टन था, यानी लगभग 13500 किलोग्राम।
- स्टील का इस्तेमाल: इसे मजबूती देने के लिए 10.5 टन स्टील का इस्तेमाल किया गया।
- कपड़ा और रस्सी: पुतले को आकर्षक बनाने के लिए 4000 मीटर मखमली कपड़ा और 200 किलोग्राम रस्सी लगी।
- खास तकनीक: पुतले को ज्यादा चमकदार और टिकाऊ बनाने के लिए फाइबर ग्लास का इस्तेमाल किया गया। Kota Dussehra Ravan Height 2025
एक भव्य उत्सव का माहौल
Kota Dussehra Mela 2025 Location: दशहरा का कार्यक्रम कोटा के मेडिकल कॉलेज ग्राउंड में आयोजित किया गया था। हल्की बारिश के बावजूद, हजारों की संख्या में लोग इस ऐतिहासिक पल का गवाह बनने पहुंचे। लोगों का उत्साह देखते ही बनता था। इस मौके पर लोकसभा अध्यक्ष श्री ओम बिड़ला और राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री भजन लाल शर्मा भी मौजूद रहे। उन्होंने इस कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई और सभी को विजयादशमी की शुभकामनाएं दीं।
परंपरा से आगे का सफर
यह उपलब्धि कोटा के लिए सिर्फ एक रिकॉर्ड से कहीं ज्यादा है।
- शहर की नई पहचान: कोटा अब सिर्फ 'कोचिंग सिटी' ही नहीं, बल्कि 'रिकॉर्ड-तोड़ त्योहारों वाला शहर' के तौर पर भी जाना जाएगा।
- सांस्कृतिक विरासत: इससे कोटा की सांस्कृतिक समृद्धि और त्योहारों को मनाने के जज्बे का पता चलता है।
- पर्यटन को बढ़ावा: ऐसे आयोजन शहर में पर्यटन को बढ़ावा देते हैं और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करते हैं।
आगे का लक्ष्य और रिकॉर्ड बुक में दर्ज होगा नाम
इस अनोखी उपलब्धि को अब आधिकारिक तौर पर दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। दहन समिति ने इसे एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज कराने के लिए आवेदन किया है। इसके अलावा, इसके लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज होने की भी उम्मीद है। Kota Dussehra Ravan Height 2025
निष्कर्ष:
विजयादशमी 2025 का दिन कोटा के इतिहास में हमेशा याद रखा जाएगा। 233 फुट के रावण के दहन ने न सिर्फ बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश दिया, बल्कि यह भी दिखाया कि मेहनत और जुनून से कैसे नामुमकिन को मुमकिन बनाया जा सकता है। कोटा ने साबित कर दिया कि वह हर क्षेत्र में नई ऊंचाइयाँ छूने का दम रखता है और अब उसकी पहचान शिक्षा के साथ-साथ अपनी संस्कृति और उत्सवों से भी है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
1. कोटा
में कितना ऊंचा रावण जलाया गया?
कोटा में इस बार 233 फुट
ऊंचे रावण का पुतला जलाया
गया, जो अब तक
का सबसे ऊंचा रावण दहन है।
2. पिछला
रिकॉर्ड किस शहर के पास था
और वह कितना ऊंचा
था?
पिछला रिकॉर्ड दिल्ली के पास था,
जहाँ 210 फुट ऊंचे रावण का दहन किया
गया था।
3. इस
पुतले को बनाने में
कितना समय लगा?
इस विशालकाय पुतले को बनाने में
कुल 4 महीने का समय लगा
और लगभग 50 कारीगरों ने इसमें योगदान
दिया।
4. रावण
के पुतले का वजन कितना
था और क्या सामग्री
इस्तेमाल हुई?
पुतले का कुल वजन
13.5 टन था। इसे बनाने में 10.5 टन स्टील, 4000 मीटर
मखमली कपड़ा, 200 किलो रस्सी और फाइबर ग्लास
का इस्तेमाल किया गया।
5. इस
रिकॉर्ड को आधिकारिक तौर
पर कहाँ दर्ज कराया जाएगा?
इस रिकॉर्ड को एशिया बुक
ऑफ रिकॉर्ड्स और इंडिया बुक
ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज कराने के लिए आवेदन
किया गया है।
6. इस
कार्यक्रम में कौन-कौन से मुख्य अतिथि
शामिल हुए?
इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में लोकसभा अध्यक्ष श्री ओम बिड़ला और
राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री
भजन लाल शर्मा उपस्थित रहे।

Comments
Post a Comment